प्रमुख सचिव पी.नरहरि ने नगर निगम की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की, सिंहस्थ- 2028 की जरूरतों को देखते हुए कार्ययोजना बनाकर तुरन्त भेजें
उज्जैन- प्रमुख सचिव पी. नरहरि कि अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह कलेक्टर कार्यालय सभाग्रह में उज्जैन शहर कि जलापूर्तिै, नगर निगम के जल आपूर्ति और अन्य व्यवस्थाओं कि समीक्षा बैठक आयोजित कि गई। बैठक में श्री पी. नरहरि ने पेयजल आपूर्तिै के लिए नवीन पंपों कि आवश्यकता, पेयजल आपूर्ति कि पाईप लाइंस, मोटर एवं अन्य उपकरणों और उज्जैन शहर में स्थापित प्लांट्स एवं टंकियों कि संख्या के उन्नयन की समीक्षा की और सिहस्थ 2028 कि जलापूर्ति के लिए नवीन कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारीयों को दिये। बैठक में श्री ई.एन.सी सोनगरिया, प्रभारी कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक और पीएचई के अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव ने बैठक में नगर निगम की पेयजल व्यवस्था सूचारू बनायें रखने के लिये आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही वर्तमान कार्यो कि प्रगति की जानकरी ली नगर निगम की कि जलापूर्ति की विस्तृत समीक्षा कि गई। बैठक में श्री नरहरि ने कहा कि जलापूर्ति संबंधित मानव संसाधनों की समस्या को दूर करने के लिए विभागों में नवीन पद स्थापनायें कार्यो के लिए की जायेगी।ज्ञात हो कि अगले सप्ताह लगभग 10 अधिकारी/कर्मचारी की पदस्थापना हो जाएगी सिंहस्थ-2028 की व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिये सभी आवश्यक जरूरतों की मांग भेजने के निर्देश दिये है। टंकियों एवं प्लांट्स से दूरी बढ़ने के कारण टंकियों को भरने में परेशानियों की समस्या को दूर करने के लिए नवीन हरीया खेड़ी इंटेक, ट्रीटमेंट प्लांट, पम्पिंग स्टेशन 100MLD, आदि नवीन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसी के साथ वर्तमान में स्थापित 154MLD क्षमता का सुदृढ़ीकरण का कार्य भी किया जा रहा है। पंप, मोटर पेनल्स एवं अन्य उपकरणों में आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए उपकरणों का नवीनीकरण किया जा रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि शहर में वर्तमान में कुल 44 टंकियां एवं सम्प वेल हैं। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में उज्जैन शहर कि जलापूर्तिै अंबोदिया, साहेब खेड़ी, उंडासा, गौघाट प्लांट से किया जा रहा है।