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ग्रामीण सड़कों के ब्लेक स्पॉट्स की पहचान एवं परिशोधन की कार्यवाही अनिवार्य म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के कार्यों की मंत्रालय में समीक्षा


उज्जैन 12 जनवरी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने गत दिवस
मंत्रालय में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (एमपीआरआरडीए) के कार्यों की समीक्षा की। मुख्य

कार्यपालन अधिकारी सुश्री तन्वी सुंद्रीयाल ने एमपीआरआरडीए के कार्यों की जानकारियों से पॉवर प्रजेंटेशन
द्वारा अवगत कराया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की शेष रही आबादी की रोड कनेक्टिविटी के
लिये सभी आवश्यक प्रबंध करेंगे।
मंत्री श्री पटेल ने कनेक्टिंग सड़कों पर ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना वाले क्षेत्रों में ब्लेक स्पॉट्स की पहचान और परिशोधन की कार्यवाही प्रभावी होना
जरूरी है। मंत्री श्री पटेल ने निर्माण कार्यों के क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम की जानकारी भी ली। बैठक में
विभागीय उपलब्धियों और चुनौतियों के बारे में भी अवगत कराया गया।
बैठक में एमपीआरआरडीए द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों के बारे में अवगत कराया गया। दिक्कतों के निराकरण
के सुझावों पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श हुआ। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि परियोजनाओं को पूर्ण करने
के लिये सभी स्तर पर समग्र प्रयास किये जायेंगे।
मंत्री श्री पटेल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय), ग्रेवल सड़कें, बारहमासी सड़कें
और अन्य सड़कों के मरम्मतीकरण, नई सड़कों के निर्माण की स्थिति, आवश्यकता और राशि की
उपलब्धता की भी गहन समीक्षा की। मंत्री श्री पटेल ने प्रधानमंत्री जन-मन योजना में कवर न हो पाने और
छूटने वाले वन ग्रामों की सूची तैयार करने के निर्देश दिये।

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